श्री वृषभानु कुल की, भूषन जगत अभूत ।
बारौं कोटिक नृपन के, या कन्या पर पूत ॥
- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, उत्सव माला (14.8)
श्री वृषभानु कुल में प्रकटी श्री राधा संपूर्ण विश्व में अनुपम मणि के रूप में चमक रही हैं। ऐसी पुत्री पर कोटि कोटि राजाओं के पुत्रों को न्यौछावर कर देना चाहिए।
बारौं कोटिक नृपन के, या कन्या पर पूत ॥
- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, उत्सव माला (14.8)
श्री वृषभानु कुल में प्रकटी श्री राधा संपूर्ण विश्व में अनुपम मणि के रूप में चमक रही हैं। ऐसी पुत्री पर कोटि कोटि राजाओं के पुत्रों को न्यौछावर कर देना चाहिए।

