भूत्वाति सुकुमाराङ्गी किशोरी गोप कन्यका - श्री हित कृष्ण चंद्र, श्री राधा उपसुधा निधि (30)

भूत्वाति सुकुमाराङ्गी किशोरी गोप कन्यका - श्री हित कृष्ण चंद्र, श्री राधा उपसुधा निधि (30)

भूत्वाति सुकुमाराङ्गी किशोरी गोप कन्यका ।
कदाहं लालायिष्यामि मृदुलं ते पदाम्बुजम् ॥

- श्री हित कृष्ण चंद्र, श्री राधा उपसुधा निधि (30)

हे श्री राधा! मैं कब सुकुमाराङ्गी किशोरी गोप कन्या होकर आपके मृदुल पद-कमलों का लालन- सम्वाहन करूँगी ?