श्री वृंदावन छाँड़ि कै, जो भटक्यौ दिसि देस ।
सत्य करै यह कहत हौं, तौ मोहि डसियौ सेस ॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (13)
श्री वृंदावन धाम का त्याग कर यदि मैं किसी अन्य देश की ओर भटकूँ तो मेरी यह बात सत्य हो जाए कि मुझे सर्प डस ले ।
सत्य करै यह कहत हौं, तौ मोहि डसियौ सेस ॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (13)
श्री वृंदावन धाम का त्याग कर यदि मैं किसी अन्य देश की ओर भटकूँ तो मेरी यह बात सत्य हो जाए कि मुझे सर्प डस ले ।

