भले वृथा करि पचि मरौ ज्ञान गरूर बढ़ाय - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (9)

भले वृथा करि पचि मरौ ज्ञान गरूर बढ़ाय - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (9)

भले वृथा करि पचि मरौ, ज्ञान गरूर बढ़ाय ।
बिना प्रेम फीको सबै, कोटिन कियें उपाय ॥

- श्री रसखान, प्रेम वाटिका (9)

भले ही समस्त प्रकार के साधन करके मर जाओ, ज्ञान प्राप्त करके गर्व को बढ़ा लो, परंतु बिना प्रेम के सब कुछ व्यर्थ ही है चाहे करोड़ों उपाय कर डालो। अर्थात् भगवद् प्राप्ति का एक मात्र उपाय प्रेम ही है।