कृष्णार्चायां नाधिकारो यतो राधार्चनं विना - देवी भागवत (9.50.16)

कृष्णार्चायां नाधिकारो यतो राधार्चनं विना - देवी भागवत (9.50.16)

कृष्णार्चायां नाधिकारो यतो राधार्चनं विना ।
वैष्णवैः सकलैस्तस्मात्कर्तव्यं राधिकार्चनम् ॥

- देवी भागवत (9.50.16)

श्री कृष्ण की भक्ति का अधिकार श्री राधा की भक्ति के बिना निषेध है । इसलिए समस्त वैष्णवों का यह कर्तव्य है कि वे मन लगाकर श्री राधा की भक्ति करें ।