मद्वनं प्राप्य योमूढ़ - सनत्कुमार संहिता (36.164)

मद्वनं प्राप्य योमूढ़ - सनत्कुमार संहिता (36.164)

मद्वनं प्राप्य योमूढ़ः पुनरन्यत्र गच्छति ।
स आत्महा महादेव सर्वथा नात्र संशयः ॥

- सनत्कुमार संहिता (36.164)

श्री कृष्ण शिव जी से कहते हैं - मेरे वृन्दावन में आकर जो मूढ़ जन अन्यत्र गमन करता है, महादेव वह आत्मघाती होता है, इस में कोई संशय नहीं है ।