नमो-नमो जमुना महारानी - श्री हित दामोदर दास

नमो-नमो जमुना महारानी - श्री हित दामोदर दास

(राग-कान्हरौ)
नमो-नमो जमुना महारानी।
निकट तेरे विहरें पिय-प्यारी, वृन्दावन रजधानी ॥ [1]
जे जन पान करत पय तेरौ, तिन त्रय ताप सिरानी ।
टहल महल की मिलत निरंतर, कृपा करत बृजरानी ॥ [2]

- श्री हित दामोदर दास

श्री वृंदावन राजधानी में विद्यमान श्री यमुना देवी को नमस्कार है जिनके तट के निकट श्री श्यामा श्याम सदा नित्य विहार में निमग्न रहते हैं । [1]

श्री यमुना जी का जलपान करने से तीन प्रकार के तापों से निवारण मिल जाता है । इतना ही नहीं जीवों को श्री श्यामा श्याम की टहल प्राप्त होती है और ब्रज की महारानी श्री राधारानी उन पर कृपा करती हैं । [2]