वृंदावन की माधुरी, मन को मन हर लेत - श्री माधुरी दास,  वृंदावन माधुरी (21)

वृंदावन की माधुरी, मन को मन हर लेत - श्री माधुरी दास, वृंदावन माधुरी (21)

वृंदावन की माधुरी, मन को मन हर लेत ।
अपने सहज सुभावते, सब अंगन सुख देत ॥

- श्री माधुरी दास,  वृंदावन माधुरी (21)

श्री वृंदावन धाम की माधुरी मन के मन का भी हरण कर लेती है जिसका सहज स्वभाव है समस्त अंगों को सुख प्रदान करना ।