चाह चटपटी मिलन की, लाल भए बहाल - श्री ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (60)

चाह चटपटी मिलन की, लाल भए बहाल - श्री ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (60)

चाह चटपटी मिलन की, लाल भए बहाल ।
बंसी में रटिबो करैं, राधा राधा बाल ॥

- श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (60)

श्री राधा से मिलने की चाह के कारण श्री कृष्ण विकल हो उठे, और वंशी में श्री “राधा राधा” नाम की रटना करने लगे ।