खात पियत चितवत चलत, ठालें करतें काम ।
वृंदावन बस अहर्निश, भजिये राधेश्याम ॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, शिक्षा पत्रिका (30)
खाते, पीते, देखते, चलते फिरते अथवा कुछ भी करते हुए, वृंदावन धाम का अखंड वास एवं श्री राधे श्याम का निरंतर भजन करना चाहिए ।
वृंदावन बस अहर्निश, भजिये राधेश्याम ॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, शिक्षा पत्रिका (30)
खाते, पीते, देखते, चलते फिरते अथवा कुछ भी करते हुए, वृंदावन धाम का अखंड वास एवं श्री राधे श्याम का निरंतर भजन करना चाहिए ।

