(राग जिला)
श्री वृन्दावन यमुना कूलन, विचरन की जिये आसा है । [1]
ज्ञान गूदरी ज्ञानी ध्यानी, सन्तन रसिकन वासा है ॥ [2]
बंशीवट तट नटनागर संग, प्यारी केलि विलासा है । [3]
ललित लड़ैती मो मन मधुकर, पद पंकज रस प्यासा है ॥ [4]
- श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, विनय (14)
मेरे ह्रदय की इच्छा है कि मैं सदा श्री वृंदावन में यमुना के किनारे ही विचरण करता रहूँ । [1]
जहां ज्ञान गूदरी नामक सुंदर स्थान है जहां ज्ञानी, ध्यानी, एवं रसिक संतों का वास है । [2]
जहां बंशीवट के निकट ही तट पर नटनागर (कृष्ण) प्यारी जू (राधा) के संग सदा केली विलास परायण हैं । [3]
श्री ललित लड़ैती जी कहते हैं कि मेरा मधुकर मन युगल सरकार श्री राधा कृष्ण के चरण कमलों के रस का प्यासा है । [4]
श्री वृन्दावन यमुना कूलन, विचरन की जिये आसा है । [1]
ज्ञान गूदरी ज्ञानी ध्यानी, सन्तन रसिकन वासा है ॥ [2]
बंशीवट तट नटनागर संग, प्यारी केलि विलासा है । [3]
ललित लड़ैती मो मन मधुकर, पद पंकज रस प्यासा है ॥ [4]
- श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, विनय (14)
मेरे ह्रदय की इच्छा है कि मैं सदा श्री वृंदावन में यमुना के किनारे ही विचरण करता रहूँ । [1]
जहां ज्ञान गूदरी नामक सुंदर स्थान है जहां ज्ञानी, ध्यानी, एवं रसिक संतों का वास है । [2]
जहां बंशीवट के निकट ही तट पर नटनागर (कृष्ण) प्यारी जू (राधा) के संग सदा केली विलास परायण हैं । [3]
श्री ललित लड़ैती जी कहते हैं कि मेरा मधुकर मन युगल सरकार श्री राधा कृष्ण के चरण कमलों के रस का प्यासा है । [4]

