तत्र वृन्दावनं नाम तत्र गोपी - सनत्कुमार संहिता (36.78 - 36.79)

तत्र वृन्दावनं नाम तत्र गोपी - सनत्कुमार संहिता (36.78 - 36.79)

त्रैलोक्ये पृथिवी धन्या जम्बुद्वीपो यतः परम् तत्रापि भारतं वर्षं तत्रापि मथुरा पुरी ।
तत्र वृन्दावनं नाम तत्र गोपी-कदम्बकः तत्र राधा-सखी-वर्गस् तत्रापि राधिका परा ।

- सनत्कुमार संहिता (36.78 - 36.79)

त्रैलोक में पृथ्वी धन्य है,उस में जम्बुद्वीप श्रेष्ठ है, उस में भारत वर्ष श्रेष्ठ है, और भारत वर्ष में मथुरा पुरी श्रेष्ठ है । उस में वृन्दावन श्रेष्ठ है, उस में गोपी समूह श्रेष्ठ हैं, उस में राधासखीवर्ग श्रेष्ठ हैं, उस में श्री राधिका सर्वश्रेष्ठ हैं ।