सहजो संगति साधु की, छूटे सकल वियाध ।
दुर्मति पाप रहै नहीं, लागै रंग अगाध ॥
- श्री सहजो बाई
सहजोबाई कहती हैं कि साधु के संग से इस संसार की समस्त व्याधियों से छुटकारा मिल जाता है। मन की समस्त बुराईयाँ एवं पाप आदि की वृत्ति भी नष्ट हो जाती है जिससे ह्रदय स्वतः ही भक्ति के अगाध प्रेम रंग में सरोबार हो जाता है ।

