पै एतोहूँ रम सुन्यौ - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (31)

पै एतोहूँ रम सुन्यौ - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (31)

पै एतोहूँ रम सुन्यौ, प्रेम अजूबो खेल।
जांबाजी बाजी जहाँ, दिल का दिल से मेल॥

- श्री रसखान, प्रेम वाटिका (31)

प्रेम की विलक्षणता का वर्णन करते हुए रसखान कहते हैं कि हमने केवल इतना सुना है कि प्रेम अद्भुत खेल है जिसमें स्वेच्छा से प्राणों की बाज़ी लगाकर दिल से दिल का मेल किया जाता है ।