(सवैया)
कलिकाल कलेशन काटें सबै, जन कण्टक मैंट हरैं भव बाधा। [1]
निस वासर सुक्ख अनन्तमिलैं, मन मोद प्रमोद समोद अगाधा॥ [2]
वनराज निकुँज निवासी बनैं, यमराज समाज समावे समाधा। [3]
छबिछैल 'छबीले' की जीवनज्योति, जपै जब कीरतनन्दनी राधा॥ [4]
- श्री छबीले जी
श्रीराधा-नाम के स्मरण से कलियुग के कष्ट मिट जाते हैं, जीवन की सारी बाधाएँ और भवसागर का बंधन समाप्त हो जाता है। [1]
राधा-नाम के प्रभाव से रात-दिन अनंत सुख और अगाध आनंद मिलता है। [2]
इस पावन नाम का स्मरण करने से श्री वृंदावन धाम के दिव्य निकुंजों का निवास प्राप्त होता है और यमराज के प्रभाव से मुक्त हो जाता है। [3]
श्री छबीले जी कहते हैं, "श्री राधा नाम का जप करने से साक्षात श्री कृष्ण की मधुर छवि प्रकट हो जाती है, जो मेरे जीवन की ज्योति है।" [4]
कलिकाल कलेशन काटें सबै, जन कण्टक मैंट हरैं भव बाधा। [1]
निस वासर सुक्ख अनन्तमिलैं, मन मोद प्रमोद समोद अगाधा॥ [2]
वनराज निकुँज निवासी बनैं, यमराज समाज समावे समाधा। [3]
छबिछैल 'छबीले' की जीवनज्योति, जपै जब कीरतनन्दनी राधा॥ [4]
- श्री छबीले जी
श्रीराधा-नाम के स्मरण से कलियुग के कष्ट मिट जाते हैं, जीवन की सारी बाधाएँ और भवसागर का बंधन समाप्त हो जाता है। [1]
राधा-नाम के प्रभाव से रात-दिन अनंत सुख और अगाध आनंद मिलता है। [2]
इस पावन नाम का स्मरण करने से श्री वृंदावन धाम के दिव्य निकुंजों का निवास प्राप्त होता है और यमराज के प्रभाव से मुक्त हो जाता है। [3]
श्री छबीले जी कहते हैं, "श्री राधा नाम का जप करने से साक्षात श्री कृष्ण की मधुर छवि प्रकट हो जाती है, जो मेरे जीवन की ज्योति है।" [4]

