मथुरां रक्षते कोऽसौ - आदि वराह पुराण (168.1)

मथुरां रक्षते कोऽसौ - आदि वराह पुराण (168.1)

मथुरां रक्षते कोऽसौ क्षेत्रपालो व्यवस्थितः।
तेन दृष्टेन यत्पुण्यं कथयस्वाखिलं प्रभो॥

- आदि वराह पुराण (168.1)

मथुरा [ब्रज मंडल] की रक्षा के लिए स्वयं भगवान शिव क्षेत्रपाल रूप से विराजमान हैं जिनके दर्शन करने से मेरे धाम के दर्शन का फल मिलता है।