कहनी करनी करन कौ, नाहिन यामैं कांम।
कृपा करै हरिप्रिया जू, तब पावै यह धांम॥
- श्री रूपरसिक देवाचार्य, श्री प्रेम मंजरी (9)
यहाँ कहनी एवं करनी का कोई काम नहीं है, जिस पर श्री हरिप्रिया जू [श्री राधा] कृपा करती हैं बस वही श्री धाम वृंदावन का वास करता है अन्य कोई नहीं।
कृपा करै हरिप्रिया जू, तब पावै यह धांम॥
- श्री रूपरसिक देवाचार्य, श्री प्रेम मंजरी (9)
यहाँ कहनी एवं करनी का कोई काम नहीं है, जिस पर श्री हरिप्रिया जू [श्री राधा] कृपा करती हैं बस वही श्री धाम वृंदावन का वास करता है अन्य कोई नहीं।

