पद पंकज की टहल निज, कुंज महल विश्राम।
देउ दयाकर दीन को, पूरण कर मन काम॥
- श्री सरस माधुरी
हे श्री श्यामा श्याम, मुझ दीन पर दया करके, अपने श्री चरणों की निज सेवा प्रदान कर, मुझे कुंज महल का नित्य वास प्रदान कर मेरी मनोकामना को पूर्ण कीजिए।
देउ दयाकर दीन को, पूरण कर मन काम॥
- श्री सरस माधुरी
हे श्री श्यामा श्याम, मुझ दीन पर दया करके, अपने श्री चरणों की निज सेवा प्रदान कर, मुझे कुंज महल का नित्य वास प्रदान कर मेरी मनोकामना को पूर्ण कीजिए।

