तिनकूँ लाड लडात निति - श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (16)

तिनकूँ लाड लडात निति - श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (16)

तिनकूँ लाड लडात निति, प्रीतम परम प्रवीन।
बदन चंद चकवत लखत, रहत चरन लवलीन॥
- श्री किशोर दास, श्री वृंदाविपुन विलास (16)

श्री धाम वृंदावन में परम प्रवीण प्रियतम (कुंजबिहारी) सदा प्रिया जी (श्री राधा) को लाड़ लड़ाते हैं । प्रिया जी के बदनचंद्र को चकित होकर निहारते रहते हैं एवं उनके श्री चरणों के रस में सदा निमग्न रहते हैं ।