नारायण वृन्दाविपिन, निशिदिन रहत वसन्त ।
पिय प्यारी मिलि मुदित मन, क्रीड़ा करत अनन्त ॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, वसंत लीला (1)
श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि श्री धाम वृंदावन में बसंत निशिदिन (सदैव) बसंत रहता है जहां दिव्य युगल सरकार, राधा कृष्ण, दोनों आनंदचित्त होकर अनंत क्रीड़ाएँ करते रहते हैं ।
पिय प्यारी मिलि मुदित मन, क्रीड़ा करत अनन्त ॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, वसंत लीला (1)
श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि श्री धाम वृंदावन में बसंत निशिदिन (सदैव) बसंत रहता है जहां दिव्य युगल सरकार, राधा कृष्ण, दोनों आनंदचित्त होकर अनंत क्रीड़ाएँ करते रहते हैं ।

