वृंदावन सुखरासि है, आनंद ठाऊँ ही ठाऊँ - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (5)

वृंदावन सुखरासि है, आनंद ठाऊँ ही ठाऊँ - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (5)

वृंदावन सुखरासि है, आनंद ठाऊँ ही ठाऊँ ।
श्री राधावल्लभ छाड़ि के, अनत न कित हूँ जाऊँ ॥

- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (5)

श्री वृंदावन धाम सुख की राशि है, जहां ठौर ठौर में आनंद ही आनंद है । मेरी यही अभिलाषा है कि ऐसे श्री वृंदावन धाम में विराजित श्री राधा वल्लभ लाल को त्याग कर मैं अन्यत्र कहीं भी न जाऊँ ।