कुंवर लली वृषभान की मेरे जीवन प्रान - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (22)

कुंवर लली वृषभान की मेरे जीवन प्रान - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (22)

कुंवर लली वृषभान की, मेरे जीवन प्रान ।
सप्त करौं वनभूमि की, मेरे जिय नहिं आन ॥

- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (22)

श्री वृषभानु कुँवरी श्री राधा ही मेरे जीवन की प्राण हैं । मैं इस वृंदावन धाम की शपथ ग्रहण कर कहता हूँ कि उनके अतिरिक्त मेरे ह्रदय में अन्य कोई नहीं निवास करता ।