जो कछू कियौ सो लाड़िली - श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (106)

जो कछू कियौ सो लाड़िली - श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (106)

जो कछू कियौ सो लाड़िली, लाड़िली करै सो होइ।
लाड़िली करै सो होइगौ, निर्भै ह्वै करि सोइ॥

- श्री ललितकिशोरी देव, श्री ललितकिशोरी देव जू की वाणी, विशिष्ट पद एवं साखी (106)

जो कुछ करती हैं वह लाड़ली (श्री राधा) ही करती हैं एवं उनकी इच्छा से ही सब कुछ होता है । लाड़ली की कृपा से ही आगे भी सब कुछ होगा, अत: लाड़ली जी के शरणागत जीव को सदा निश्चिंत रहना चाहिए ।