श्रीराधा बाधा हरनि नेह अगाधा-साथ - श्री दुलारेलाल जी

श्रीराधा बाधा हरनि नेह अगाधा-साथ - श्री दुलारेलाल जी

श्रीराधा बाधा हरनि, नेह अगाधा-साथ।
निहचल नयन-निकुंज में, नचौ निरंतर नाथ॥

- श्री दुलारेलाल जी

हे समस्त बाधाओं को हरण करने वाली श्रीराधा! कृपा कर मेरे नयन रूपी निकुंज में श्री कृष्ण के संग, अगाध प्रेम को बरसाती हुई, अनवरत नृत्य करते हुए वास करो।