निरनै बस्तु और धर्म को, ए दोऊ सिद्धांत।
तर्क बाद भई नास सब, वेद अंत वेदांत॥
- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (41)
युगल उपासना में वस्तु (श्री श्यामा श्याम) एवं धर्म (रस-रीति) ही सिद्धांत हैं। अन्य उपासनाओं में वेदांत के तर्क ने सब नाश ही कर दिया, क्योंकि वेदांत अर्थात वेद (ज्ञान) का अंत है।
तर्क बाद भई नास सब, वेद अंत वेदांत॥
- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (41)
युगल उपासना में वस्तु (श्री श्यामा श्याम) एवं धर्म (रस-रीति) ही सिद्धांत हैं। अन्य उपासनाओं में वेदांत के तर्क ने सब नाश ही कर दिया, क्योंकि वेदांत अर्थात वेद (ज्ञान) का अंत है।

