ईश्वर ताई कुंवरि मै, दासंतन है लाल।
कृपा दृष्टि किए आपुसमें, करत अनोखे ख्याल॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (7)
श्री धाम वृंदावन के नित्य विहार में ईश्वरत्व श्री राधा में है और दासत्व श्री कृष्ण में है । श्री राधा सदा अपनी कृपा दृष्टि डालकर श्री कृष्ण को निहाल करती रहती हैं ।

