नेति नेति निगमन कह्यौ, सो यह नित्य बिहार ।
युगल कृपा कर पाइये, और न कछू बिचार ॥
- श्री सरस माधुरी
इस नित्य विहार रस को वेद भी नेति नेति कह कर हार मान रहे हैं जो वेदों से भी परे है, ऐसे अति अद्भुत रस को केवल युगल सरकार की कृपा से ही प्राप्त किया जा सकता है, अन्य इसका कोई उपाय नहीं है ।
युगल कृपा कर पाइये, और न कछू बिचार ॥
- श्री सरस माधुरी
इस नित्य विहार रस को वेद भी नेति नेति कह कर हार मान रहे हैं जो वेदों से भी परे है, ऐसे अति अद्भुत रस को केवल युगल सरकार की कृपा से ही प्राप्त किया जा सकता है, अन्य इसका कोई उपाय नहीं है ।

