मेरे प्रान जीवन धन राधे - श्री ललित किशोरी देव, सिद्धांत के पद (135)

मेरे प्रान जीवन धन राधे - श्री ललित किशोरी देव, सिद्धांत के पद (135)

मेरे प्रान जीवन धन राधे ।
महा रंग रस रासि रसिकवर, अद्भुत रूप अगाधे ॥ [1]
ललित लाल कौ अति सुख दैनि, सब ही पुजवत साधे ।
श्रीहरिदास परम बडभागी, सहज सनेही लाधे ॥ [2]

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (135)

मेरी प्राण जीवन धन कुंजबिहारिणी श्री राधे हैं जो महाप्रेम रस की राशि हैं एवं अद्भुत अगाध रूप माधुरी का वर्षण करने वाली, रसिकों की चूड़ामणि अनन्य आराध्या हैं । [1]

वे श्री कृष्ण को सदा अति सुख प्रदान करने वाली एवं उनकी समस्त अभिलाषों को पूर्ण करने वाली हैं । श्री हरिदासी सखी परम बडभागी हैं जिनका श्री राधे जू से सहज स्नेह है । [2]