नाय जानत प्रभु प्रार्थना - श्री प्रह्लाद जी

नाय जानत प्रभु प्रार्थना - श्री प्रह्लाद जी

नाय जानत प्रभु प्रार्थना, पूजन नियम प्रसाद।
बस चाहत है रूप रस, छक पीवौ ‘प्रह्लाद’॥

- श्री प्रह्लाद जी

हे प्रभु, न तो मैं प्रार्थना करना जानता हूँ, न पूजन, न नियम का पालन करना और न ही प्रसाद की महिमा का ज्ञान है । मेरी बस एक ही चाह है कि आपके अद्भुत रूप के रस का सदा छक कर पान करता रहूँ ।