कुँजविहारी रसिक वर - श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी

कुँजविहारी रसिक वर - श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी

कुँजविहारी रसिक वर, श्रीस्वामी हरिदास।
करहु कृपा उर बसहु नितु, वर वृन्दावनवास॥
- श्री छबीले वल्लभ गोस्वामी

हे श्री कुंज बिहारी लाल, हे रसिक शिरोमणि स्वामी श्री हरिदास! ऐसी कृपा करो कि मेरे ह्रदय में सदा निवास करो और मुझे सर्वोत्तम धाम श्री वृंदावन का वास प्रदान करो ।