आठों याम यम नेम - श्री सुंदर जी

आठों याम यम नेम - श्री सुंदर जी

(कवित्त)
आठों याम यम नेम आठों याम रहै प्रेम,
आठों याम योग यज्ञ कियो बहु दान जू। [1]
आठों याम जप तप आठों याम लियो ब्रत,
आठों याम तीरथ में करत सनान जू॥ [2]
आठों याम पूजा बिधि आठों याम आरती हू,
आठों याम दण्डवत सुमिरण ध्यान जू। [3]
सुन्दर कहत जिन कियो सब आठों याम,
सोई साधू जाके उर एक भगवान जू॥ [4]

- श्री सुंदर जी

भले ही आप आठों याम यम-नियम का पालन करते हों, आपके हृदय में प्रेम हो, और आठों याम योग, यज्ञ, तथा बहुत दान करते हों। [1]

भले ही आप आठों याम जप-तप करते हों, आठों याम व्रत रखते हों, और आठों याम तीर्थों में स्नान करते हों। [2]

भले ही आप आठों याम विधिपूर्वक पूजा करते हों, आठों याम आरती करते हों, और आठों याम प्रभु को दण्डवत कर उनका स्मरण-ध्यान करते हों। [3]

श्री सुन्दर दास जी कहते हैं कि भले ही आप यह सब करते हों, लेकिन सच्चा साधु वही है, जिसके हृदय में केवल और केवल भगवान का वास होता है। [4]