अब की देही मनुज की - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, ख्याल हुल्लास (26)

अब की देही मनुज की - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, ख्याल हुल्लास (26)

अब की देही मनुज की, पाई है किहूँ भाग ।
जुगल चंद पद कमल सौं, कीजै “ध्रुव” अनुराग ॥

- श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, ख्याल हुल्लास (26)

नाना योनियों में भटकने के पश्चात्‌ न जाने किस भाग्योदय के फलस्वरूप इस बार यह अमूल्य मनुष्य देह प्राप्त हुआ है, अतएव युगल किशोर के चरण कमलों से अटल अनुराग ही करना चाहिए ।