श्री प्रिया विहारी कुंज में, विहरत मदन हुलास ।
सखि सेवत श्री चरन जुग, मम ह्रदि करौ प्रकास ॥
- श्री संतदास (ईस्वी 1686), विहार रसामृत
दिव्य दंपति बाँके बिहारी एवं बिहारिनी जू, वृंदावन की कुंजों में विहार पारायण हैं, जिनके युगल चरणों की सेवा नित्य ही सखियाँ करती हैं । ऐसी कृपा हो कि वे युगल चरण मेरे ह्रदय को भी प्रकाशित करें ।
सखि सेवत श्री चरन जुग, मम ह्रदि करौ प्रकास ॥
- श्री संतदास (ईस्वी 1686), विहार रसामृत
दिव्य दंपति बाँके बिहारी एवं बिहारिनी जू, वृंदावन की कुंजों में विहार पारायण हैं, जिनके युगल चरणों की सेवा नित्य ही सखियाँ करती हैं । ऐसी कृपा हो कि वे युगल चरण मेरे ह्रदय को भी प्रकाशित करें ।

