भरोसो वल्लभ ही को राखो।
सगरे काज सरेंगे छिन में, इन ही के गुन भाखो ॥ [1]
निस दिन संग करो भक्तन को, असमर्पित नही चाखो।
‘वल्लभ’ श्री वल्लभ पद रज बिन, और तत्व सब नाखो ॥ [2]
- श्री वल्लभ दास
अपना भरोसा केवल वल्लभ (श्री कृष्ण) में रखें। आपके सभी प्रयास एक क्षण में पूरे हो जाएंगे, बस उनकी महिमा का ही गान करें। [1]
हमेशा भक्तों की संगति में रहें, और भगवान को अर्पित किए बिना कुछ भी न खायें अथवा प्रयोग करें । श्री वल्लभ दास कहते हैं, श्री वल्लभ के चरणों की रज के बिना, सभी अन्य तत्व निरर्थक हैं। [2]

