जिनके मुख गोपालजी, पावन हरि गुन गीत ।
तिनकौ जुग जुग जानियौ, व्यासदास के मीत ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (66)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि जिनके मुख प्रेमपूर्वक श्री हरि के पावन गुणों का गान करते हैं, उन्हें मेरा युगों-युगों का मित्र मानना।
तिनकौ जुग जुग जानियौ, व्यासदास के मीत ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (66)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि जिनके मुख प्रेमपूर्वक श्री हरि के पावन गुणों का गान करते हैं, उन्हें मेरा युगों-युगों का मित्र मानना।

