प्रिय प्रीतम के गुण ललित, निगमागम को सार ।
नारायण गावै सुनै, निश्चय हो भवपार ॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, रास पंचाध्यायी लीला (26)
प्रिया प्रियतम (श्री राधा कृष्ण) के गुण मनोहर हैं जो वेदों एवं शास्त्रों का सार हैं । जो भी इनका गान एवं श्रवण करता है वह निश्चित ही भव से पार हो जाता है ।
नारायण गावै सुनै, निश्चय हो भवपार ॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, रास पंचाध्यायी लीला (26)
प्रिया प्रियतम (श्री राधा कृष्ण) के गुण मनोहर हैं जो वेदों एवं शास्त्रों का सार हैं । जो भी इनका गान एवं श्रवण करता है वह निश्चित ही भव से पार हो जाता है ।

