यो मामेव प्रपन्नश्च मत्प्रियां न महेश्वर ।
न कदापि स चाप्नोति मामेवं ते मयोदितम् ॥
- सनत्कुमार संहिता (36.170)
श्रीकृष्ण कहते हैं, “हे महेश्वर! जो जन मेरा प्रपन्न (शरणागत) होकर मेरी प्रिया (राधा) का प्रपन्न नहीं होता है । वह मुझको कभी प्राप्त नहीं हो सकता । यह मैंने तुम्हें स्पष्ट रूप से बताया है।”
न कदापि स चाप्नोति मामेवं ते मयोदितम् ॥
- सनत्कुमार संहिता (36.170)
श्रीकृष्ण कहते हैं, “हे महेश्वर! जो जन मेरा प्रपन्न (शरणागत) होकर मेरी प्रिया (राधा) का प्रपन्न नहीं होता है । वह मुझको कभी प्राप्त नहीं हो सकता । यह मैंने तुम्हें स्पष्ट रूप से बताया है।”

