ठाढ़े गाढ़े कुंज तर बाढ़े मैन मरोर -  श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (88)

ठाढ़े गाढ़े कुंज तर बाढ़े मैन मरोर - श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (88)

ठाढ़े गाढ़े कुंज तर, बाढ़े मैन मरोर ।
भीजत कब इन दृगन ते, देषौं  जुगल किसोर॥

-  श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (88)

वर्षा से बचने के लिए प्रिया-प्रियतम सघन कुंजों के नीचे खड़े हैं, जहाँ कामदेव भी आनंदवृद्धि की सेवा कर रहा है। ऐसे युगल किशोर (श्री राधा कृष्ण) को वर्षा में भींजते हुए, आपस में लिपटे हुए, कब इन नैनों से देखूँगा?