धरत भागिनी पग जहाँ, रहत साँकरी खोर - ब्रज के दोहे

धरत भागिनी पग जहाँ, रहत साँकरी खोर - ब्रज के दोहे

धरत भागिनी पग जहाँ, रहत साँकरी खोर ।
को जाने सुख सखी, गहवर बन की ओर ॥

- ब्रज के दोहे

साँकरी खोर में श्री राधा अपने पावन चरण रखती हैं। हे सखी, बरसाना के इस गह्वर वन के रस की महिमा को कौन जान सकता है?