धन धन वृंदावन के सुआ ।
वृक्षन की खौंतर में जन्मे, बड़े भाग से हुआ ॥ [1]
राधा राधा चहकत डोलैं, रज़ पावत हैं मुआ ।
अभयराम येहू बड़भागी, या वन के सब सुआ ॥ [2]
- श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (64)
वृंदावन के तोते धन्य, धन्य हैं । वृंदावन के वृक्षों के कोटर में ही इनका जन्म बड़े भाग्य से होता है। [1]
यह “राधा राधा” रटते हुए डोलते हैं, और जीवन पर्यंत वृंदावन की रज में खेलते हैं और उसी में मिल जाते हैं।
श्री अभयराम कहते हैं, “वृंदावन के सभी तोते अत्यंत बड़भागी हैं।” [2]
वृक्षन की खौंतर में जन्मे, बड़े भाग से हुआ ॥ [1]
राधा राधा चहकत डोलैं, रज़ पावत हैं मुआ ।
अभयराम येहू बड़भागी, या वन के सब सुआ ॥ [2]
- श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (64)
वृंदावन के तोते धन्य, धन्य हैं । वृंदावन के वृक्षों के कोटर में ही इनका जन्म बड़े भाग्य से होता है। [1]
यह “राधा राधा” रटते हुए डोलते हैं, और जीवन पर्यंत वृंदावन की रज में खेलते हैं और उसी में मिल जाते हैं।
श्री अभयराम कहते हैं, “वृंदावन के सभी तोते अत्यंत बड़भागी हैं।” [2]

