श्री बरसाने जो बसत, तिन्हें बंधु निज जान ।
कुंवरि नात सों नात निज, यथा योग्य सों मान ॥
- श्री चरण दास
जो श्री बरसाना धाम में वास करते हैं उन्हें अपना निज बंधु जानना चाहिए। तुम्हारे किशोरीजी (श्री राधा) के नाते के कारण ही, उनसे नाता जोड़कर यथा शक्ति से उसे निभाना चाहिए ।
कुंवरि नात सों नात निज, यथा योग्य सों मान ॥
- श्री चरण दास
जो श्री बरसाना धाम में वास करते हैं उन्हें अपना निज बंधु जानना चाहिए। तुम्हारे किशोरीजी (श्री राधा) के नाते के कारण ही, उनसे नाता जोड़कर यथा शक्ति से उसे निभाना चाहिए ।

