एक अहंता ममता ये हैं, जग में अति दुखदाई ।
ये जब श्रीजी की ओर लगै, तब होत परम सुखदाई ॥
- श्री चंद्र लाल गोस्वामी जी
अहंता और ममता यदि इस संसार में हो तो वह परम दुखदाई होती है, परंतु जब यह श्रीजी (श्री राधा) की ओर लग जाती है तो परम सुखदाई बन जाती है।
ये जब श्रीजी की ओर लगै, तब होत परम सुखदाई ॥
- श्री चंद्र लाल गोस्वामी जी
अहंता और ममता यदि इस संसार में हो तो वह परम दुखदाई होती है, परंतु जब यह श्रीजी (श्री राधा) की ओर लग जाती है तो परम सुखदाई बन जाती है।

