जब लों जीवें जगत में, भाव मानसी राख ।
श्री कुंजबिहारिनि राधिका, श्याम नाम मुख भाख ॥
- श्री सरस माधुरी
जब तक तुम इस संसार में जीवित हो, ‘मानसी भाव’ बनाए रखो अर्थात् मन से प्रेमपूर्ण भावना बनाकर भक्ति करो और मुख से श्री कुंजबिहारिणी राधिका श्याम के नामों का उच्चारण करो।
श्री कुंजबिहारिनि राधिका, श्याम नाम मुख भाख ॥
- श्री सरस माधुरी
जब तक तुम इस संसार में जीवित हो, ‘मानसी भाव’ बनाए रखो अर्थात् मन से प्रेमपूर्ण भावना बनाकर भक्ति करो और मुख से श्री कुंजबिहारिणी राधिका श्याम के नामों का उच्चारण करो।

