नैननि सौं नैना मिले, इकटक रहे निहारि - ब्रज के दोहे

नैननि सौं नैना मिले, इकटक रहे निहारि - ब्रज के दोहे

नैननि सौं नैना मिले, इकटक रहे निहारि ।
इन अरुझी अँखियान कौं, कौन सकै निरवारि ॥

- ब्रज के दोहे

दोनों के नेत्रों से नेत्र मिले हुए हैं और वे एक-दूसरे को अपलक निहार रहे हैं। श्री श्यामा-श्याम की ऐसी उलझी हुई आँखों को भला कौन सुलझा सकता है?​