सोई सांचा सूरमा, मंड्या जुगल सों हेत ।
‘गुरुछौना’ छाँडै नहीं, वृंदावन रस खेत ॥
- श्री गुरु छौना जी
‘गुरुछौना’ छाँडै नहीं, वृंदावन रस खेत ॥
- श्री गुरु छौना जी
सच्चा शूरवीर तो वही है जो रसक्षेत्र वृंदावन को कभी नहीं छोड़ता, और युगल (श्री राधा-कृष्ण) से प्रेम करने में ही अपना सर्वस्व समर्पित मानता है।

