राधा देवी जगत्कर्त्री जगत्पालनतत्परा।
जगल्लयविधात्री च सर्वेशी सर्वसूतिका॥
- बृहन्नारदीय पुराण, पूर्व (3.181)
सनत्कुमार जी नारद जी से कहते हैं कि श्री राधारानी जगत की रचना करने वाली, उनके पालन में रत रहने वाली, जगत का (प्रलयकाल में) संहार करने वाली हैं । वे सर्वेश्वरी (सब पर शासन करने वाली) हैं तथा संपूर्ण जगत की जननी हैं ।

