इन नैनन की वानि बुरी है, लागत लागै चैन।
बिछुड़े तै दुख देत हैं, कल न परै दिन रैन॥
- श्री वल्लभ दास
श्री कृष्ण के नैनों के बाण की अद्भुत गति है, जब यह बाण ह्रदय को लगते हैं, तो ह्रदय को शांति और सुकून मिलता है। परंतु इसके बिछुड़न पर ह्रदय में अपार पीड़ा उत्पन्न होती है, और एक क्षण के लिए भी शांति नहीं मिलती।
बिछुड़े तै दुख देत हैं, कल न परै दिन रैन॥
- श्री वल्लभ दास
श्री कृष्ण के नैनों के बाण की अद्भुत गति है, जब यह बाण ह्रदय को लगते हैं, तो ह्रदय को शांति और सुकून मिलता है। परंतु इसके बिछुड़न पर ह्रदय में अपार पीड़ा उत्पन्न होती है, और एक क्षण के लिए भी शांति नहीं मिलती।

