स्यामा-स्याम विहार निज, वृन्दाविपिन उदार - श्री रूपरसिक देवाचार्य, विशिष्ट दोहा (1)

स्यामा-स्याम विहार निज, वृन्दाविपिन उदार - श्री रूपरसिक देवाचार्य, विशिष्ट दोहा (1)

स्यामा-स्याम विहार निज, वृन्दाविपिन उदार।
अर्ब खर्व वैकुंठ को, गर्व मिटावन-हार॥

- श्री रूपरसिक देवाचार्य, विशिष्ट दोहा (1)

श्री श्यामा श्याम उदार निज वृंदावन धाम में नित्य विहार पारायण हैं, जो अरबों-खरबों वैकुंठ धामों के गर्व को भी मिटाने वाला है।