गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत  - श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (4.3)

गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत - श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (4.3)

गौर देत नित सर्व सुख, श्याम रूप ह्वै लेत ।
रा दाने धा धारणे, राधा नाम समेत ॥

- श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (4.3)

श्री “राधा” नाम में रा और धा दो अक्षर हैं । रा दाने धातु का अर्थ है देना और धा का अर्थ है धारण करना । अत: गौर श्री राधा नित्य सर्व सुख देने वाली हैं और घनश्याम सब सुखों को लेने वाले हैं । अत: रसिकों ने राधा नाम को युगल नाम ही माना है ।