सेवा हूँ तें दूर कियो, विधि निषेध जंजार ।
श्री स्वामी हरिदास जू, गायो नित्य विहार ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी
स्वामी श्री हरिदास जी ने सेवा में विधि-निषेध के समस्त बंधनों को हटाकर, विशुद्ध प्रेम के सार स्वरूप “नित्य विहार” रस का गान किया है।
श्री स्वामी हरिदास जू, गायो नित्य विहार ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी
स्वामी श्री हरिदास जी ने सेवा में विधि-निषेध के समस्त बंधनों को हटाकर, विशुद्ध प्रेम के सार स्वरूप “नित्य विहार” रस का गान किया है।

